भारत और पाकिस्तान के पास किस तरह के और कितने ड्रोन हैं?
" भारत और पाकिस्तान दोनों ही अपने सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने के लिए ड्रोन तकनीक में तेजी से निवेश कर रहे हैं। ड्रोन अब केवल निगरानी उपकरण नहीं रह गए हैं, बल्कि ये सटीक हमलों, खुफिया जानकारी एकत्र करने और सीमा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस लेख में हम 2025 तक दोनों देशों के पास मौजूद प्रमुख ड्रोन प्लेटफॉर्म्स, उनकी संख्या, क्षमताएं और रणनीतिक उपयोग का विस्तृत विश्लेषण करेंगे।
🇮🇳 भारत के पास मौजूद प्रमुख सैन्य ड्रोन
1. MQ-9B SeaGuardian / SkyGuardian (31 यूनिट्स)
भारत ने अमेरिका से 31 MQ-9B HALE (High Altitude Long Endurance) ड्रोन खरीदने का समझौता किया है, जिसकी कुल लागत लगभग $4 बिलियन है। इनमें 170 Hellfire मिसाइलें और 310 स्मार्ट बम भी शामिल हैं। ये ड्रोन मुख्यतः नौसेना के लिए हैं, लेकिन सीमाओं पर भी तैनात किए जा सकते हैं।
2. IAI Heron Mk2 (10+ यूनिट्स)
इजरायल से प्राप्त ये MALE (Medium Altitude Long Endurance) ड्रोन 36 घंटे तक उड़ान भर सकते हैं और इन्हें लद्दाख और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में तैनात किया गया है। इनमें SATCOM, ATOL और EO/IR सेंसर लगे हैं।
3. Project Cheetah (90+ Heron अपग्रेड)
भारत अपने मौजूदा 90 Heron ड्रोन को हथियारयुक्त बनाने के लिए "Project Cheetah" चला रहा है, जिसमें इन्हें लेजर-गाइडेड बम और एंटी-टैंक मिसाइलों से लैस किया जाएगा।
4. स्वदेशी ड्रोन (97 MALE UAVs)
भारत सरकार ने 97 स्वदेशी MALE ड्रोन के लिए ₹10,000 करोड़ का ऑर्डर दिया है, जो 30 घंटे तक उड़ान भर सकते हैं और सीमाओं पर निगरानी के लिए उपयोग होंगे।
5. स्वार्म और कामिकाज़ी ड्रोन
भारतीय सेना ने NewSpace Research और Raphe mPhibr द्वारा विकसित स्वार्म ड्रोन और इजरायल के सहयोग से बने कामिकाज़ी ड्रोन को शामिल किया है, जो उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात किए जा सकते हैं
🇵🇰 पाकिस्तान के पास मौजूद प्रमुख सैन्य ड्रोन
1. Shahpar-III (नवीनतम स्वदेशी UCAV)
GIDS द्वारा विकसित Shahpar-III एक MALE UCAV है, जो 530 किलोग्राम तक हथियार ले जा सकता है और इसमें EO/IR, SAR, COMINT और SIGINT सेंसर लगे हैं। यह MQ-9 Reaper की श्रेणी का ड्रोन है।
2. Bayraktar Akinci (6–7 यूनिट्स)
तुर्की से प्राप्त ये HALE ड्रोन 6,000 किलोग्राम तक वजन उठा सकते हैं और 40,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकते हैं। पाकिस्तानी वायुसेना ने इन्हें 2023 में सक्रिय रूप से तैनात किया है।
3. Wing Loong II (48 यूनिट्स सह-उत्पादन योजना)
चीन के साथ मिलकर पाकिस्तान ने 48 Wing Loong II UCAVs के सह-उत्पादन की योजना बनाई थी, जो सटीक हमलों के लिए सक्षम हैं।
4. NESCOM Burraq (पहला स्वदेशी सशस्त्र ड्रोन)
Burraq पाकिस्तान का पहला सशस्त्र ड्रोन है, जो 2015 में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया था। यह MQ-1 Predator से प्रेरित है और लेजर-गाइडेड मिसाइलों से लैस है।
5. अन्य विदेशी ड्रोन
पाकिस्तान ने इटली से SELEX Galileo, जर्मनी से Luna UAVs, और अमेरिका से AAI RQ-7 Shadow जैसे ड्रोन भी प्राप्त किए हैं। इसके अलावा, रूस से Supercam S350 और तुर्की से Bayraktar TB2 भी शामिल हैं।
📊 तुलना: भारत बनाम पाकिस्तान ड्रोन क्षमताएं
| मापदंड | भारत 🇮🇳 | पाकिस्तान 🇵🇰 |
|---|---|---|
| कुल MALE ड्रोन | ~200 | ~60 |
मिनी/स्वार्म ड्रोन | ~980 |
|
HALE ड्रोन | 31 MQ-9B (प्राप्ति प्रक्रिया में) | 6–7 Akinci, Wing Loong II (48 सह-उत्पादन) |
स्वदेशी UCAV | Ghatak (विकासाधीन), स्वार्म ड्रोन | Shahpar-III, Burraq |
प्रमुख आपूर्तिकर्ता | अमेरिका, इजरायल, स्वदेशी कंपनियां | चीन, तुर्की, रूस, स्वदेशी कंपनियां |
🔍 निष्कर्ष
भारत और पाकिस्तान दोनों ही ड्रोन तकनीक में तेजी से प्रगति कर रहे हैं। भारत की रणनीति में स्वदेशी उत्पादन और उच्च तकनीक वाले HALE ड्रोन शामिल हैं, जबकि पाकिस्तान ने चीन और तुर्की से सशस्त्र ड्रोन प्राप्त करके अपनी क्षमताएं बढ़ाई हैं। दोनों देशों के बीच ड्रोन तकनीक में प्रतिस्पर्धा क्षेत्रीय सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
यदि आप इस विषय पर और अधिक जानकारी या विश्लेषण चाहते हैं, तो कृपया बताएं।

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